श्री कृष्णा मंत्र


हरे कृष्ण हरे कृष्ण, कृष्ण कृष्ण हरे हरे। 
हरे राम हरे राम, राम राम हरे हरे राम।।


त्वमेव माता  च पिता त्वमेव |
त्वमेव बन्धुश्च  सखा त्वमेव |
त्वमेव विद्या द्रविणं त्वमेव |
त्वमेव सर्व मम देवदेव ||


ॐ नमोः नारायणाय. ॐ नमोः भगवते वासुदेवाय ||


भगवान श्री कृष्ण की पूजा के दौरान इस मंत्र को पढ़ते हुए उन्हें नारियल फल समर्पण करना चाहिए-


इदं फ़लं मया देव स्थापित पुर-तस्तव |
तेन मे सफ़लानत्ति भरवेजन्मनि जन्मनि ||


इस मंत्र को पढ़ते हुए भगवान श्री कृष्ण को पान-बीड़ा समर्पण करना चाहिए-


ॐ पूंगीफ़लं महादिव्यं नागवल्ली दलैर्युतम् |
एला-चूर्णादि संयुक्तं ताम्बुलं प्रतिगृहयन्ताम् ||


इस मंत्र को पढ़ते हुए बाल गोपाल भगवान श्री कृष्ण को चन्दन अर्पण करना चाहिए-


ॐ श्रीखण्ड-चन्दनं दिव्यं गंधाढ़्यं सुमनोहरम् |
विलेपन श्री कृष्ण चन्दनं प्रतिगृहयन्ताम् ||


श्री कृष्ण की पूजा करते समय इस मंत्र को पढ़ते हुए उन्हें सुगन्धित धूप अर्पण करना चाहिए-


वनस्पति रसोद भूतो गन्धाढ़्यो गन्ध उत्तमः |
आघ्रेयः सर्व देवानां धूपोढ़्यं प्रतिगृहयन्ताम् ||


श्री कृष्ण पूजा के दौरान इस मंत्र को पढ़ते हुए बाल गोपाल को शहद स्नान करना चाहिए-


पुष्प रेणु समुद-भूतं सुस्वाद मधुरं मधु ||
तेज-पुष्टिकरं दिव्यं स्नानार्थं प्रतिगृहयन्ताम् ||


इस मंत्र के द्वारा भगवान श्री कृष्ण का आवाहन करना चाहिए-


ॐ सहस्त्र शीर्षाः पुरुषः सहस्त्राक्षः सहस्त्र-पातस-भूमिग्वं सव्वेत-सत्पुत्वायतिष्ठ दर्शागुलाम् |
आगच्छ श्री कृष्ण देवः स्थाने-चात्र सिथरो भव ||


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